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TRE-4 को लेकर बिहार में बढ़ा सियासी तापमान, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से शिक्षा मंत्री की बड़ी अपील

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पटना में TRE-4 भर्ती को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है। अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जल्द नोटिफिकेशन जारी होने का भरोसा दिया है। खुशबू पाठक को बिहटा में रोके जाने के बाद आंदोलन और गरमा गया है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण TRE-4 को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। राजधानी पटना में बीते कई दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कभी जेपी गोलंबर तो कभी बीपीएससी कार्यालय के बाहर हजारों की संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि सरकार जल्द से जल्द TRE-4 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन और पूरा शेड्यूल जारी करे, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो सके।

इसी बीच बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से आंदोलन छोड़कर परीक्षा की तैयारी करने की अपील की है। मंत्री ने कहा कि सरकार TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही परीक्षा का शेड्यूल जारी किया जाएगा। हालांकि मंत्री के इस बयान के बावजूद अभ्यर्थियों के बीच असंतोष कम होता नहीं दिख रहा है।

पटना में बुधवार को एक बार फिर TRE-4 को लेकर माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय की ओर मार्च निकालने की तैयारी की थी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं में खुशबू पाठक और सौरव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। जानकारी के अनुसार खुशबू पाठक जब आरा से पटना पहुंच रही थीं, तभी बिहटा के पास पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बाद में पुलिस उन्हें बिहटा थाना लेकर चली गई। इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक TRE-4 को लेकर कोई स्पष्ट तारीख घोषित नहीं की गई है। इसी वजह से हजारों युवा मानसिक तनाव में हैं। कई छात्र वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और अब वे जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग लगातार तैयारी में जुटा हुआ है और बिहार लोक सेवा आयोग के साथ बातचीत चल रही है। मंत्री ने कहा कि “जो चीज होने वाली है, उसके लिए आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। अभ्यर्थी आंदोलन छोड़कर अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान दें। सरकार जल्द ही परीक्षा कराएगी।”

हालांकि मंत्री के इस बयान के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट नजर नहीं आए। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। युवाओं का कहना है कि जब तक सरकार लिखित रूप में शेड्यूल जारी नहीं करती, तब तक भरोसा करना मुश्किल है। आंदोलन कर रहे कई छात्रों ने कहा कि बेरोजगारी और लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी ने युवाओं को निराश कर दिया है।

इधर आंदोलन के दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। पटना के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। बीपीएससी कार्यालय और डाकबंगला चौराहे के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

इस पूरे आंदोलन में खुशबू पाठक का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। हाल के दिनों में उन्होंने TRE-4 और शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार आवाज उठाई है। सोशल मीडिया पर भी उनका नाम काफी चर्चा में है। कुछ दिन पहले आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था, जहां वे करीब आठ दिनों तक रहीं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा था कि उनका हौसला टूटा नहीं है और वे शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों की आवाज उठाती रहेंगी।

खुशबू पाठक का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ एक भर्ती परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि बिहार के लाखों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की पीड़ा समझनी चाहिए। कई छात्र उम्र सीमा पार होने की चिंता में हैं, जबकि कई आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी युवाओं की परेशानी बढ़ा रही है।

वहीं शिक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि कुछ बाहरी लोग आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मंत्री ने कहा कि बिहार के अभ्यर्थी सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में भी TRE-4 आंदोलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं है और इसी वजह से छात्र लगातार सड़क पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं।

इधर सोशल मीडिया पर भी TRE-4 आंदोलन ट्रेंड कर रहा है। हजारों छात्र सरकार से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं। कई छात्र संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। युवाओं का कहना है कि जब तक स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल बिहार में TRE-4 को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। एक तरफ सरकार जल्द शेड्यूल जारी करने का भरोसा दे रही है, तो दूसरी तरफ अभ्यर्थी अब ठोस घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर लाखों युवाओं की नजर टिकी हुई है।

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